*🌹🎯कबीर साहिब ने काशी में आयोजित किया एक ऐसा* 🌹 विशाल भंडारा जिसमें 18 लाख लोगों ने भोजन किया था।
🎯श्री स्वामी रामानन्द जी (कबीर साहेब के गुरुदेव) को सिंकदर लोधी ने तलवार से कत्ल कर दिया था वे भी कबीर साहेब ने जीवित कर दिए थे।
🎯कबीर साहिब जी ने शेख तकी की मृत लड़की जो कब्र में दफन थी उसको अपने हुकुम से जिंदा कर दिया था और उसका नाम कमाली रखा।
🎯परमेश्वर कबीर जी ने स्वामी रामानंद जी, संत धर्मदास जी, संत गरीबदास जी, संत दादू जी तथा संत नानक देव जी को सत्यलोक में ले जाकर अपना परिचय करवाकर पृथ्वी पर शरीर में छोड़ा था।
🎯‘‘परमेश्वर कबीर जी (मुनिन्द्र ऋषि रूप में) द्वारा समुन्द्र पर रामचन्द्र के पुल के लिए पत्थर तैराना’’
🎯कबीर परमात्मा ने ढ़ाई वर्ष की आयु में स्वामी रामानंद जी को गुरु बनाने की लीला की।
🎯कबीर परमात्मा ने सिंकदर लोधी राजा का जलन का रोग समाप्त कर दिया।
🎯साहेब कबीर जी ने सम्मन के मृत लड़के सेऊ के धड़ पर सिर लगा कर जीवित कर दिया था। कटे हुए का कोई निशान भी गर्दन पर नहीं था।
🎯कबीर परमेश्वर ने एक मृतक गऊ तथा उसके बच्चे को जीवित कर दिया था जिसके टुकड़े सिंकदर लोधी ने करवाए थे।
🎯‘‘मृत कमाल बालक को जीवित करना‘‘
किसी कबीले ने अपने 12 वर्षीय मृत लड़के का अंतिम संस्कार दरिया में जल प्रवाह करके कर दिया था। कबीर परमेश्वर जी ने उस मृत बालक को आशीर्वाद से जीवित कर दिया।